बिहार विधानसभा के बजट सत्र के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरुवार शाम 35 अहम एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, आपदा प्रबंधन और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका असर उत्तर बिहार से लेकर अंग क्षेत्र तक देखने को मिलेगा।
कैबिनेट ने सारण जिले के सोनपुर में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण मद में 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। प्रस्तावित हवाईअड्डा हाजीपुर-डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2030 तक एयरपोर्ट को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एयरपोर्ट बनने से सारण, वैशाली और आसपास के जिलों को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। छठ मेले और सोनपुर मेला जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले आयोजनों को भी नई उड़ान मिल सकती है। स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रुडी ने इस फैसले पर राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह उत्तर बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
मंत्रिपरिषद ने भागलपुर जिले के इस्माईलपुर-बिंदटोला क्षेत्र में गंगा कटाव निरोधक कार्य के लिए 70 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है। जल संसाधन विभाग की ओर से तैयार कार्ययोजना के तहत तटबंध सुदृढ़ीकरण और सुरक्षात्मक संरचनाएं विकसित की जाएंगी।
भागलपुर के निकट गंगा में हर साल तेज कटाव से खेती की जमीन और आबादी प्रभावित होती रही है। कई गांवों में बाढ़ और विस्थापन का संकट गहराता रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से कटाव की समस्या पर स्थायी नियंत्रण पाया जा सकेगा और हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
इससे पहले 6 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के आश्रितों को परिवहन विभाग की ओर से मिलने वाली अनुग्रह राशि 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई थी। प्रवासी मजदूरों के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने घोषणा की थी कि अब उनके शव को सरकारी खर्च पर घर लाया जाएगा और घायल होने की स्थिति में इलाज की व्यवस्था भी सरकारी खर्च पर होगी।
इसके अलावा जिलास्तरीय बैठकों में विधायक और सांसद प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा नगर परिषद की स्थायी सशक्त समिति को स्वीकृति देने जैसे प्रशासनिक फैसले भी लिए गए थे।
ताजा कैबिनेट निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और सामाजिक सुरक्षा पर भी समानांतर रूप से ध्यान दे रही है। सोनपुर एयरपोर्ट परियोजना जहां क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, वहीं भागलपुर में गंगा कटाव रोकने की योजना को स्थानीय लोगों के लिए राहत भरा निर्णय बताया जा रहा है।
अब निगाहें इन परियोजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और तय समयसीमा में पूरा होने पर टिकी हैं।