रामनवमी के जुलूस की आड़ में साम्प्रदायिक उन्माद, लूटपाट और अलपसंख्यकों पर दमन के खिलाफ प्रतिरोध सभाबुद्ध स्मृति पार्क पर जुटे माले के नेता-कार्यकर्ता, कहा “भाजपा ने रची सांप्रदायिक उन्माद की साजिश”

पटना (प्रेस रिलीज़/इंसाफ़ टाइम्स) रामनवमी के जुलूस की आड़ में बजरंग दल, विश्व हिन्दु परिषद और भाजपा की सोची समझी चाल के तहत बिहारशरीफ, सासाराम सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ सांप्रदायिक उन्माद, लूटपाट और उलटे उनके ऊपर ही पुलिसिया दमन की कार्रवाई के खिलाफ आज भाकपा-माले ने पटना के बुद्ध स्मृति पार्क पर प्रतिरोध सभा का आयोजन किया.

प्रतिरोध सभा में भाकपा-माले के वरिष्ठतम नेता स्वदेश भट्टाचार्य, विधायक दल के नेता महबूब आलम, केडी यादव, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, नालंदा जिला सचिव सुरेन्द्र राम, आइसा के कुमार दिव्यम, किसान महासभा के उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में माले के नेता उपस्थित थे. प्रतिरोध सभा का संचालन राज्य कमिटी सदस्य कमलेश शर्मा ने किया. मौके पर राज्य कमिटी सदस्य जपयप्रकाश पासवान, राकेश मांझी, गुरूदेव दास, अनय मेहता, शंभू मेहता, संजय यादव, पन्ना लाल, जितेन्द्र कुमार, मुर्तजा अली, पीयूसीएल के सरफराज, आइसा के राज्य अध्यक्ष विकास यादव उपस्थित थे.

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने बिहार में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू कर दी है. गृह मंत्री अमित शाह का बिहार दौरा भी इसी का हिस्सा है. रामनवमी के जुलूस का दंगा जुलूस में बदल दिया गया है. 10 से 12 साल के बच्चों के हाथों में हथियार थमाकर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी करवाई जा रही है. मदरसों व काॅलेजों पर हमले किए जा रहे हैं।

बिहार की सत्ता से बेदखली के बाद भाजपा बौखलाई हुई है और वह उन्माद-उत्पात फैलाने में लगी हुई है. बिहार सरकार को जिस स्तर व जिस गति से इन उन्मादी उत्पाती ताकतों पर लगाम लगाना चाहिए, उसमें कमी दिख रही है. नफरत व विभाजन की राजनीति को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा

माले नेताओं ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे महंगाई-बेरोजगारी बढ़ाने वाली भाजपा की इस तरह की साजिशों से बचे. यह देश सदियों से गंगा-जमुनी तहजीब वाला देश रहा है. उसमें जहर घोलकर भाजपा अपनी राजनीति कर रही है. उन्होंने प्रभावित इलाकों की जनता से शांति-सद्भाव बनाए रखने की अपील की है.

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