Education & University

राजनीतिक दलदल में घुटती बिहार की शिक्षा व्यवस्था.

✍️ सादिया तहसीन राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति का केंद्र कहलाने वाले बिहार को शिक्षा के विषय हमेशा निंदा का सामना करना परा है। इतिहास के

सीयूईटी पीजी 2023 पंजीकरण की तारीख 5 मई तक बढ़ाई जा सकती है, नोटिस जल्द मिलने की उम्मीद है

पटना (महताब आलम/इंसाफ टाइम्स) सीयूईटी पीजी 2023 पंजीकरण 5 मई, 2023 को समाप्त होने की उम्मीद है। इससे पहले पंजीकरण की तारीख 19 April 2023

हुकूमत की जिम्मेदारी है कि मौलाना आज़ाद का तआरुफ हर शहरी तक पहुंचाए न कि नाम मिटाने की कोशिश करे: मानू छात्रसंघ

पटना (प्रेस रिलीज़/इंसाफ़ टाइम्स) मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद स्टूडेंट्स यूनियन ने मौलाना आज़ाद का एन०सी०ई०आर०टी० कक्षा ग्यारह पाठ्यक्रम से मौलाना अबुल आज़ाद को

बिहार बोर्ड 10th रिजल्ट 2023 हुआ जारी एमडी रुमान अशरफ मैट्रिक परीक्षा में बने टॉपर

पटना (महताब आलम/इंसाफ टाइम्स) बिहार बोर्ड मैट्रिक के नतीजे आज ही दिन के करीब 1:15 बजे बिहार के शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर नें प्रेस कॉंफ़्रेंस के

पोस्ट ग्रेजुएशन के कॉमन प्रवेश परीक्षा के लिए फ़ॉर्म का हुआ ऐलान

पटना (वासिक कमर/इन्साफ टाइम्स) यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ( यू जी सी) के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने सोमवार को सी यु ई टी – पी

जामिया मिल्लिया इस्लामिय एडमिशन में घोटाले का लगा आरोप, छात्र छात्राओं की तरफ़ से उठ रही आवाज़

पटना (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कथित एडमिशन घोटाले का मामला सामने आया है। यहाँ पीएचडी में एडमिशन लेने छात्र जब यूनिवर्सिटी पहुँचे

भारत की आज़ादी में मदरसों व ख़ानक़ाहों का योगदान इमरान अहमद: छात्र पत्रकारिता सह जनसंचार विभाग मानू हैदराबाद

15 अगस्त को हमारा देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस यानी यौमे आज़ादी मनाने जा रहा है. 15 अगस्त ही वह दिन है जब हमें अग्रेजों

बिहार के गांव गांव में शुरू होगा पुस्तकालयों को बचाने के लिए जन आंदोलन : सुदामा प्रसाद घर-घर दस्तक, घर-घर पुस्तक आंदोलन चलाएगा गांव जवार : कौशल

मुजफ्फरपुर , 4अप्रैल 2021 बिहार के गांव गांव में पुस्तकालयों को बचाने के लिए गांव जवार और अन्य संगठनों की मदद से जन आंदोलन शुरू

दरभंगा:सी एम कॉलेज,दरभंगा के उर्दू विभाग के तत्वावधान में साहिर लुधियानवी की सौवीं वर्षगांठ पर समारोह आयोजित।।

साहिर लुधियानवी फिल्मी गीतों के साथ ही उर्दू साहित्य पर भी काफी लिखा।उन्होंने प्रगतिशील विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। वे केवल गीतकार ही