इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
गुजरात के सूरत शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने समाज में नैतिकता और शिक्षक-छात्र संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 23 वर्षीय ट्यूशन टीचर अपने 13 साल के नाबालिग छात्र को लेकर फरार हो गई थी। चार दिन की तलाश के बाद पुलिस ने टीचर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में टीचर ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पांच महीने की गर्भवती है और बच्चा उसी नाबालिग छात्र का है।
चार दिन, पांच शहरों की यात्रा
पुलिस के अनुसार, यह घटना 25 अप्रैल को शुरू हुई जब टीचर और छात्र सूरत के पूना इलाके से गायब हो गए। दोनों ने सूरत से वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, दिल्ली और वृंदावन तक की यात्रा की। इस दौरान वे कई होटलों में रुके और टीचर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। 30 अप्रैल को पुलिस ने राजस्थान सीमा के पास एक निजी बस से दोनों को पकड़ा, जो जयपुर से अहमदाबाद जा रही थी।
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ में टीचर ने बताया कि वह पिछले दो साल से छात्र के साथ प्रेम संबंध में थी। उसने दावा किया कि जब उसे अपनी गर्भावस्था का पता चला, तो उसने छात्र के साथ भागने का प्लान बनाया। टीचर ने छात्र के कपड़े पहले से मंगवाए, नया ट्रॉली बैग और सिम कार्ड खरीदा, ताकि वे किसी दूसरे शहर में छिपकर रह सकें।
छात्र ने भी पुलिस को बताया कि टीचर ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जिसमें एक बार उसके घर पर ही शोषण किया गया। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि 13 साल का नाबालिग छात्र जैविक रूप से पिता बनने में सक्षम है। पुलिस अब डीएनए टेस्ट करा रही है ताकि टीचर के दावे की पुष्टि हो सके।
पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
सूरत पुलिस ने टीचर के खिलाफ अपहरण और पोक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस) के तहत मामला दर्ज किया है। टीचर को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, और जांच के लिए उसे वडोदरा के उस होटल में ले जाया जाएगा जहां वे रुके थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी जुटा रही है।
शुरुआती भ्रम और उम्र का खुलासा
शुरुआत में खबरों में छात्र की उम्र 11 साल बताई गई थी, लेकिन पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि छात्र 13 साल से अधिक उम्र का है। यह मामला तब सामने आया जब छात्र के पिता ने 25 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज की कि उनका बेटा ट्यूशन के बाद घर नहीं लौटा। सीसीटीवी फुटेज में टीचर और छात्र को एक साथ जाते देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने तलाश तेज की।
सामाजिक बहस और नैतिक सवाल
यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षक और छात्र के बीच इस तरह के संबंधों ने समाज में हलचल मचा दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे एक शिक्षक, जिसे बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी दी जाती है, इस तरह का कदम उठा सकता है।
पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही कोर्ट में टीचर को पेश किया जाएगा। इस बीच, यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
