दरभंगा में मासूम से दुष्कर्म व हत्या से उबाल, आरोपी गिरफ्तार; हिंसक प्रदर्शन पर 30 नामजद, 200 अज्ञात पर FIR, 6 गिरफ्तार

बिहार के दरभंगा जिले में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पटवा पोखर इलाके में शनिवार शाम हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, वहीं रविवार को न्याय की मांग को लेकर हुए उग्र प्रदर्शन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।

पुलिस के अनुसार, छह वर्षीय बच्ची अपने मोहल्ले की तीन अन्य छोटी बच्चियों के साथ तालाब किनारे खेल रही थी। इसी दौरान 22 वर्षीय पड़ोसी युवक वहां पहुंचा और बच्चियों को पकड़ने की कोशिश की। दो बच्चियां किसी तरह भाग निकलीं, जबकि आरोपी पीड़िता को जबरन उठाकर सुनसान जगह पर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी क्रूरता से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने शव को तालाब किनारे फेंक दिया।

देर रात तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान आवारा कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर परिजन तालाब की ओर पहुंचे, जहां दीवार के पास बच्ची का खून से लथपथ शव मिला। इस भयावह दृश्य से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश फैल गया।

घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसएसपी जगनाथ रेड्डी सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और पीड़िता के साथ मौजूद अन्य दो बच्चियों से आरोपी की पहचान कराई। पहचान के आधार पर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए हैं। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी ऑटो चालक था और नशे का आदी बताया जा रहा है। बताया गया है कि उसकी तीन शादियां हो चुकी थीं, लेकिन नशे की लत के कारण उसकी तीनों पत्नियां उसे छोड़कर चली गई थीं। वह अपने माता-पिता के साथ रहता था। इन तथ्यों के सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया।

रविवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। बेला मोड़ के पास सड़क जाम कर दी गई और आरोपी को जनता के हवाले करने की मांग की गई। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, कई वाहनों के शीशे तोड़े और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

हालात बिगड़ते देख जिलाधिकारी कौशल कुमार और एसएसपी जगनाथ रेड्डी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

दरभंगा सदर के डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन के मामले में विश्वविद्यालय थाना के थानाध्यक्ष के बयान पर 30 नामजद और 200 अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक 6 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और देर रात कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

डीएसपी राजीव कुमार ने कहा “थानाध्यक्ष के बयान पर 30 नामजद और 200 अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से बाकी की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पीड़िता के परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक समाज में मासूम बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, समाज में बढ़ते अपराध और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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