इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवक अभिषेक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में यह गिरफ्तारी हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभिषेक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। वह उन्हें भारतीय सेना की गतिविधियों, सैन्य ठिकानों की लोकेशन और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था। इसके बदले में उसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान भी किया गया।
पुलिस ने अभिषेक के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
इस घटना के बाद राज्य भर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया पर सक्रिय संदिग्ध प्रोफाइल्स पर नजर बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अकेले किसी व्यक्ति की करतूत नहीं हो सकती, और जांच के जरिए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा,
“हमारे देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अभियुक्त के संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच जारी है। इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।”
सुरक्षा एजेंसियों ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अजनबियों से सावधान रहें और कोई भी संदिग्ध संपर्क या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बहला-फुसला कर ऐसे खतरनाक कामों में फंसाना आजकल आम हो गया है।
