इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अमेरिका की विदेश नीति और भारत सरकार की कूटनीतिक रणनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक तरफ आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान के लिए “रेड कार्पेट” बिछाता है, वहीं दूसरी तरफ भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के खिलाफ यात्रा चेतावनी जारी करता है।
श्रीनेत ने अपने बयान में कहा, “आज जब भारत में निवेश और पर्यटन को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, अमेरिका जैसे देश द्वारा जारी ट्रैवल एडवाइजरी भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। यह विडंबना है कि जो देश वैश्विक आतंकवाद का गढ़ रहा है, उसे अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित करता है और भारत को चेतावनी की श्रेणी में रखता है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भारत सरकार अमेरिका के इस दोहरे रवैये पर चुप क्यों है? “क्या ‘Howdy Modi’, ‘Namaste Trump’ जैसे कार्यक्रमों से देश को यही परिणाम मिला है?”
अमेरिका ने हाल ही में भारत को ट्रैवल एडवाइजरी सूची में डाला है, जहां विदेशी नागरिकों को भारत की यात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके पीछे सुरक्षा, सांप्रदायिक तनाव और महिला सुरक्षा को आधार बताया गया है। वहीं, दूसरी ओर, पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ को अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावत पर बुलाया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की निंदा की है।
श्रीनेत ने कहा कि यदि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर सक्रिय भूमिका मिल रही है और अमेरिका उसे आमंत्रित कर रहा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की विदेश नीति सिर्फ दिखावटी समारोहों तक सीमित रह गई है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख मजबूत करने के बजाय उसे ट्रैवल एडवाइजरी और मानवाधिकार रिपोर्ट्स के जरिए बदनाम किया जा रहा है।
श्रीनेत ने मांग की कि भारत सरकार को अमेरिकी प्रशासन से इस विषय पर तत्काल विरोध दर्ज कराना चाहिए और पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की दिशा में कड़ी पहल करनी चाहिए।
