इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में रविवार की शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सुरक्षा बलों ने एक युवक को हिडन-कैमरा लगा चश्मा पहनकर तस्वीरें खींचते रंगे हाथ पकड़ लिया। युवक कर्नाटक निवासी विश्वनाथ मल्लप्पा बताया जा रहा है। उसके साथ दो और युवक थे, जिनमें एक उत्तर प्रदेश और दूसरा दिल्ली का रहने वाला है। तीनों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
डीएसपी बोधगया सौरभ जयसवाल ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में यह पाया गया है कि आरोपी ने अपने चश्मे में गुप्त कैमरा फिट कर रखा था। कैमरा मोबाइल से कनेक्ट था और उसके माध्यम से मंदिर परिसर व मुख्य मंदिर के अंदर की तस्वीरें ली जा रही थीं। “प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, उपकरण जब्त कर तकनीकी जांच कराई जा रही है,” डीएसपी ने कहा।
मंदिर प्रशासन ने पुष्टि की है कि परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध है। केयरटेकर भिक्षु डॉ. दीनानंद ने कहा, “मंदिर में प्रवेश से पहले ही फोन और कैमरा जमा कराना होता है। ऐसे में हिडन-कैमरा चश्मा लेकर अंदर आना गंभीर मामला है। इसकी गहन जांच होनी चाहिए।”
सूत्रों के अनुसार, युवक गया एयरपोर्ट से दिल्ली होकर दुबई जाने वाला था। पुलिस अब उसकी यात्रा संबंधी दस्तावेज, पृष्ठभूमि और डिजिटल कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि चश्मा और मोबाइल को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
बीएमपी के गार्डों ने मंदिर के प्रथम परिक्रमा पथ पर संदिग्ध गतिविधि देखी थी। तलाशी में कैमरा-युक्त चश्मा बरामद हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि युवक कैसे डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर से पार होकर अंदर प्रवेश कर गया।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल आरोपी यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें फोटो प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी और वे केवल दर्शन करने आए थे। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस तर्क को संदिग्ध मानकर मामले की तहकीकात में जुटी हैं।
