इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
राजधानी पटना में सोमवार को दारोगा भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे अभ्यर्थियों को डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पानी की तोप और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों पर भी बल प्रयोग किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व घोषित 1817 पदों पर दारोगा भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं की गई है। उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने, उत्तर कुंजी, कटऑफ और कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
प्रदर्शन को शिक्षक संगठनों का भी समर्थन मिला। शिक्षक नेताओं ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की अपील की।
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने के लिए उचित पदाधिकारी से मिलवाने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
