इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
15 सितंबर को सीतापुर जिले में दो ईसाई नागरिकों, हरजीत और सुनीता मसीह, को अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने लोगों को बीमारियों के इलाज के बहाने और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने उनके पास से धार्मिक साहित्य की बड़ी मात्रा भी बरामद की है।
सीतापुर के पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि हाल के हफ्तों में सिद्धौली और निगोहा में भी इसी तरह के मामलों का पता चला है, जहां ईसाई मिशनरी गतिविधियों से जुड़े लोग गिरफ्तार हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि पहले की जांचों में विभिन्न ट्रस्टों से वित्तीय सहायता के साक्ष्य मिले थे, हालांकि इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं की गई थी।
इन मामलों की गहन जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। यह SIT आरोपियों की गतिविधियों की निगरानी करेगी, उनके द्वारा किए गए धर्मांतरण की संख्या का आकलन करेगी और उनके वित्तीय स्रोतों की जांच करेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से SIT की कार्यवाही की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।
इससे पहले, जुलाई में रामपुर मठना मुंरवांपुरवा गांव में एक पादरी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने चेन्नई से प्राप्त धन का उपयोग करके स्थानीय लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया था। उनके पास से धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्री बरामद की गई थी, और उनके बैंक खातों की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के मामलों में वृद्धि के मद्देनज़र, पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर रहा है।
