इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
जन सुराज पार्टी के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बिहार के सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के पांच बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और बेनामी संपत्ति के गंभीर आरोप लगाए। PK ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडे, मंत्री अशोक चौधरी, भाजपा सांसद संजय जायसवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को सीधे निशाने पर लिया।
प्रशांत किशोर ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की पत्नी उर्मिला पांडे के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 2019-2020 के दौरान 2.12 करोड़ रुपये जमा होने का खुलासा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री ने दिल्ली में फ्लैट खरीदने के लिए अपने पिता से 25 लाख का कर्ज लिया था, तो इतनी बड़ी रकम उनके पत्नी के खाते में कैसे आई और क्यों घोषित नहीं की गई। PK ने चेतावनी दी कि अगर मंत्री इसका जवाब नहीं देंगे, तो पार्टी यह जानकारी अदालत में प्रस्तुत करेगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बारे में PK ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामों में शैक्षणिक योग्यता और उम्र को लेकर गलत जानकारी दी। किशोर ने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के रिकॉर्ड के अनुसार चौधरी मैट्रिक में फेल थे, लेकिन हलफनामे में उन्होंने खुद को सातवीं पास बताया। PK ने तंज कसते हुए पूछा कि बिना मैट्रिक पास किए यह डी.लिट. डिग्री कैसे प्राप्त हुई।
जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी पर PK ने बेनामी संपत्ति और ट्रस्ट के माध्यम से धन संग्रह का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अशोक चौधरी ने अपने पीए के नाम पर पटना के बिक्रम में 23 कट्ठा जमीन खरीदी और बाद में इसे अपनी बेटी शांभवी चौधरी के नाम करवा दिया। PK ने कहा कि मानव वैभव विकास ट्रस्ट के जरिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीदी गई, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के खातों का भी इस्तेमाल हुआ।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल पर PK ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के पेट्रोल पंप के कारण बेतिया में 10 साल तक फ्लाईओवर का निर्माण नहीं हो सका। इसके अलावा, नगर निगम की सफाई गाड़ियों के फर्जी बिल बनवाकर करोड़ों की हेराफेरी की गई। किशोर ने कहा कि संजय जायसवाल ने उन पर धमकी भी दी थी, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि “सात जन्म लग जाएंगे, तब भी मेरा हाथ नहीं पकड़ पाओगे।”
प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर हत्या के मामले में पुलिस पर दबाव डालकर आरोपी को बचाने और मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि जन सुराज पार्टी ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर इस मामले में हाई कोर्ट में अलग केस दायर किया है।
प्रशांत किशोर के इन आरोपों के बाद बिहार की सियासी हलचल तेज हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन नेताओं ने जवाब नहीं दिया, तो पार्टी सबूतों के साथ अदालत में मामला दर्ज करेगी। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह खुलासे राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकते हैं।
