इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
राजस्थान के चुरू जिले के सादासर गांव में रविवार को एक दलित युवक और उसके साथियों के मंदिर प्रवेश को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उन्हें कथित रूप से पीटा गया। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब एक धार्मिक शोभायात्रा के बाद ‘भगवत कथा’ का आयोजन हुआ था। यात्रा के समापन के बाद, कानाराम मेघवाल और उनके साथी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे, तभी कुछ ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और जाति के आधार पर मंदिर में प्रवेश से मना किया।
कानाराम मेघवाल की शिकायत के अनुसार, आरोपी ग्रामीणों ने उन्हें जाति के आधार पर गाली-गलौज की और शारीरिक रूप से हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि “कोई भी दलित मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा”। इस घटना के बाद, सोमवार को स्थानीय पुलिस थाना के बाहर दलित समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
चुरू जिले के उप पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि मंदिर में भीड़ के कारण विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन वे अभी फरार हैं।
यह घटना जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के मुद्दे को फिर से उजागर करती है, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिलती है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
इस घटना के बाद, दलित समुदाय के लोगों में आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में हस्तक्षेप करने की बात की है।
