इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
रांची के रातू रोड स्थित आरआर स्पोर्टिंग क्लब द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया है। इस साल पंडाल को वेटिकन सिटी की वास्तुकला से प्रेरित कर तैयार किया गया था, जिसमें यूरोपीय शैली की गुंबदें, ऊंचे स्तंभ और ईसा मसीह तथा मरियम जैसी ईसाई धार्मिक प्रतीकों की तस्वीरें भी शामिल थीं।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पंडाल को हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने का प्रयास करार दिया। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने X (पूर्व Twitter) पर कहा, “यह कदम हिंदू धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। अगर आयोजक धर्मनिरपेक्षता में रुचि रखते हैं, तो उन्हें चर्च या मदरसों में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगानी चाहिए।”
विरोध के बाद आयोजकों ने ईसा मसीह की तस्वीर को हटा कर उसकी जगह भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर लगा दी। आयोजक विक्की यादव ने कहा कि यह बदलाव समिति की आंतरिक बैठक में निर्णय के तहत किया गया और इसमें किसी बाहरी दबाव का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पंडाल का उद्देश्य सभी धर्मों को समान मंच पर प्रस्तुत करना था।
आयोजकों के अनुसार, पंडाल की डिजाइन कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब द्वारा 2022 में बनाए गए वेटिकन सिटी थीम वाले पंडाल से प्रेरित थी। उन्होंने दावा किया कि पंडाल पूरी तरह वैदिक परंपराओं और पूजा नियमों के अनुसार बनाया गया है।
सोशल मीडिया पर यह विवाद तेजी से वायरल हुआ। जहां कुछ लोगों ने इसे धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताया, वहीं कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम करार दिया। भाजपा और अन्य संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई और आयोजकों से इस पंडाल की फंडिंग और अनुमति प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद ने धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को उजागर किया है। आयोजकों ने भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए अधिक सतर्कता बरतने का आश्वासन दिया है।
