इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
केंद्र सरकार ने बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोलने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले, राज्य के 33 जिलों में 53 केंद्रीय विद्यालय संचालित थे, लेकिन अब 19 नए विद्यालयों की स्वीकृति से सभी जिलों में इनकी उपस्थिति सुनिश्चित हो गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी, जिनमें से 19 विद्यालय बिहार में स्थापित होंगे। इन विद्यालयों में लगभग 30,000 छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी और 1,500 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। नए विद्यालयों में पटना, मधुबनी, शेखपुरा, कैमूर, अरवल, भोजपुर, नालंदा, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, कटिहार, मधेपुरा, और भागलपुर जैसे जिले शामिल हैं।
शिक्षा विभाग ने नए विद्यालयों के संचालन के लिए स्थायी भवनों के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही, अस्थायी भवनों के लिए भी भूमि चिन्हित की गई है, ताकि छात्रों की पढ़ाई में कोई विघ्न न आए। निबंधन शुल्क और मुद्रांक शुल्क को भी माफ किया गया है, जिससे विद्यालयों के निर्माण और संचालन में सुविधा होगी।
शिक्षाविद बीएन प्रसाद ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में संतुलन बनेगा। उन्होंने इसे बिहार की आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान बताया।
केंद्र सरकार की इस पहल से बिहार के सभी जिलों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
