इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण में 122 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 11 नवंबर को संपन्न होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी और सभी चुनावी प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस चुनाव में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए मोबाइल जमा करने की व्यवस्था की गई है और ईवीएम में उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें भी दिखाई जाएंगी, ताकि मतदाता आसानी से उम्मीदवार की पहचान कर सकें। इसके अलावा, प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं होगी, ताकि मतदान सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र बिहार में 500 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कंपनियां तैनात की जाएंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (MGB) के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तेजस्वी यादव को युवा मतदाताओं से व्यापक समर्थन मिल रहा है, जबकि नीतीश कुमार की पकड़ परंपरागत वोट बैंक में मजबूत है।
चुनाव आयोग ने सभी बूथ लेवल अधिकारियों को पहचान पत्र जारी किए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। इस चुनाव में कुल 243 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिनमें से 38 सीटें अनुसूचित जाति और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में भाग लें। मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं और मतदाता आगामी चुनाव परिणामों को लेकर उत्साहित हैं।
