इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने रांची के डीएसपी एमयू, जैकब हॉल में लंबित स्कॉलरशिप के मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। आइसा का कहना है कि ई-कल्याण स्कॉलरशिप के लंबित रहने के कारण राज्य के कमजोर वर्गों के छात्र आर्थिक बाधाओं के चलते पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं।
आइसा झारखंड राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SC, ST, BC और महिला छात्रों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्र 2024–25 के छात्र, जो सामान्य पाठ्यक्रमों के अलावा सेल्फ-फाइनेंस कोर्स जैसे वाणिज्य, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और मेडिकल में पढ़ रहे हैं, पढ़ाई छोड़ने या लोन लेकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विभा पुष्पा दीप ने कहा, “राज्य सरकार ने अपनी राशि जारी कर दी है, लेकिन केंद्र सरकार की हिस्सेदारी अब तक लंबित है। सरकार झारखंड में सस्ते मजदूर तैयार करने पर केंद्रित है, जबकि छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।”
आइसा राज्य उपाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने 4,500 करोड़ रुपये और झारखंड सरकार ने OBC छात्रों के लिए ₹1,62,79,000 आवंटित किए हैं। इसके बावजूद रांची जिले में केवल 1,454 छात्र ही इसका लाभ ले पाए हैं, जबकि पिछले सत्र में यह संख्या लगभग 60 हजार थी। उन्होंने शिक्षा पर बजट बढ़ाने और कम से कम 10% राशि शिक्षा क्षेत्र को समर्पित करने की मांग भी दोहराई।
डीएसपीएमयू सचिव अनुराग रॉय ने कहा कि झारखंड के छात्रों को स्कॉलरशिप न मिलना राज्य की उच्च शिक्षा को और संकट में डाल रहा है। वहीं आइसा झारखंड राज्य सह सचिव मोहम्मद समी ने चेतावनी दी कि यदि स्कॉलरशिप की राशि जल्द नहीं दी गई, तो आइसा उग्र आंदोलन की ओर बढ़ेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रांची जिला सचिव संजना मेहता, विवेक कुमार, पूनम कुमारी, अनुपम महतो और राहुल महतो भी मौजूद रहे।
