लालू परिवार में चल रहे विवाद ने राजनीतिक और पारिवारिक हलचल बढ़ा दी है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने हाल ही में परिवार के कुछ सदस्यों पर अपमान और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उनके भाई तेज प्रताप यादव ने खुलकर उनका समर्थन किया और चेतावनी दी कि जो भी परिवार का अपमान करेगा, उसे बिहार की जनता माफ नहीं करेगी।
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे किसी भी हाल में अपनी बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे और परिवार पर वार करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव से भी हस्तक्षेप की अपील की। तेज प्रताप के इस बयान ने परिवार और राजद के अंदर राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है।
मामला उस समय सार्वजनिक हुआ जब 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। राजद को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और इसके अगले दिन रोहिणी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वे राजनीति और परिवार से दूरी बनाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, उन्हें गालियां दी गईं और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। इस बयान ने परिवार के भीतर गतिरोध और राजनीतिक रूप से अस्थिरता की तस्वीर पेश कर दी।
इस विवाद पर NDA नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता नितिन नबीन ने इसे पारिवारिक मामला बताया लेकिन कहा कि यह तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल खड़ा करता है। बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और चेताया कि यह राजद के लिए राजनीतिक संकट बन सकता है। बीजेपी सांसद जैदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि रोहिणी को चुनाव हार की जिम्मेदारी लेने के लिए स्कैपगोेट बनाया गया। एलजेपी नेता चिराग पासवान ने इसे परिवार के लिए संवेदनशील दौर बताते हुए आशा जताई कि यह विवाद जल्द सुलझे।
विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद केवल पारिवारिक मतभेद तक सीमित नहीं है। तेज प्रताप का समर्थन रोहिणी के पक्ष में होने से राजद की संगठनात्मक स्थिति और यादव परिवार की राजनीतिक ताकत पर असर पड़ सकता है। परिवार के भीतर और पार्टी के अंदर चल रहे इस टकराव ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है।
अब यह देखना बाकी है कि लालू परिवार इस विवाद को किस तरह संभालता है और राजद की संगठनात्मक एकता पर इसका क्या असर पड़ता है। तेज प्रताप और रोहिणी के बयानों के बाद यह मामला केवल निजी कलह नहीं रह गया है, बल्कि राजद के लिए अगले चुनावी परिदृश्य और राजनीतिक रणनीति पर भी गहरा असर डालने वाला संकेत बन गया है।
