2026 विधानसभा से पहले SDPI की दो राज्यों में बड़ी राजनीतिक हलचल, बंगाल से तमिलनाडु तक चुनावी रणनीति तेज

2026 के विधानसभा चुनावों से पहले सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) ने पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक अपनी संगठनात्मक सक्रियता तेज कर दी है। बहरमपुर (मुर्शिदाबाद) और तमिलनाडु के रामनाथपुरम–थिरुवारूर विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने दो अहम सम्मेलन आयोजित कर अपनी चुनावी रणनीति का खाका पेश किया।

पश्चिम बंगाल स्टेट कमेटी की ओर से बहरमपुर स्थित जिला परिषद कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘असेंबली लीडर्स कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की गई। राज्य अध्यक्ष हकीकुल इस्लाम ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद राज्य महासचिव डॉ. कमाल बशीरुज्जमान ने अतिथियों का स्वागत किया।

कॉन्फ्रेंस के मुख्य वक्ता एसडीपीआई के ऑल इंडिया जेनरल सेक्रेटरी इलियास मोहम्मद थूम्बे रहे, जिन्होंने पार्टी की विचारधारा, उद्देश्यों और देशभर में बढ़ते जनाधार पर विस्तृत डेटा आधारित प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि “आज अधिकांश राजनीतिक दल पूंजीपति वर्ग के हित में काम कर रहे हैं, जबकि SDPI ही एकमात्र राजनीतिक शक्ति है जो हाशिये के वर्गों को मुख्यधारा में लाने और वास्तविक सामाजिक लोकतंत्र स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रही है।”

राज्य अध्यक्ष हकीकुल इस्लाम और नेशनल सेक्रेटरी ताईदुल इस्लाम ने देश की मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए प्रमुख दलों की नीतियों पर प्रश्न उठाए।

राज्य महासचिव हसीबुल इस्लाम ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सत्ता पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “राज्य में अयोग्य नेताओं को जानबूझकर सत्ता में बिठाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और उपेक्षा बढ़ रही है। अल्पसंख्यक, ईसाई, दलित और आदिवासी समुदायों को सुनियोजित तरीके से हाशिये पर धकेला जा रहा है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा “समय आ गया है कि टीएमसी के अयोग्य और भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से बाहर कर एसडीपीआई की सक्षम नेतृत्व टीम को विधानसभा भेजा जाए।”

कॉन्फ्रेंस के अंत में शबनम मुस्तारी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
इसी दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य और मतदाता सूची के SIR प्रोसेस को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए। हकीकुल इस्लाम ने कहा कि “राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को निजी हाथों में धकेलकर सार्वजनिक चिकित्सा ढांचे को खत्म कर रही है।” उन्होंने हजारों स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए तत्काल भर्ती की मांग की।

तमिलनाडु के रामनाथपुरम और थिरुवारूर विधानसभा क्षेत्रों में बूथ-स्तरीय BLA-2 कॉन्फ्रेंस भी उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुई।
राज्य अध्यक्ष नेल्लई मुबारक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और सम्मेलन को संबोधित करते हुए बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती को चुनावी सफलता की कुंजी बताया।

इस अवसर पर राज्य उपाध्यक्ष अब्दुल हमीद, ए.एस. उमर फारूक, राज्य महासचिव निजामुद्दीन, अहमद नवावी अबूबक्कर सिद्दीक और कई अन्य नेताओं ने भी विचार रखे।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में बूथ-स्तरीय कार्यकर्ता मौजूद रहे और आगामी चुनावी गतिविधियों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा नेताओं का व्यापक सम्मेलन और तमिलनाडु में बूथ-स्तरीय तैयारी—दोनों से यह संकेत मिलता है कि SDPI आगामी विधानसभा चुनावों में पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी में है। पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करना, हाशिये के समुदायों तक पहुंच बढ़ाना और भ्रष्टाचार विरोधी नैरेटिव को तेज करना है।

2026 के लिए राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है, और SDPI भी अब चुनावी मैदान में अपने पत्ते खुलकर खेल रही है।

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