मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह को गुरुवार को पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा। दुलारचंद यादव हत्या मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अदालत के आदेश के बाद स्पष्ट हो गया कि विधायक फिलहाल बेऊर केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
हत्या की पृष्ठभूमि
दुलारचंद यादव की हत्या विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा के घोसवारी क्षेत्र में हुई थी। यादव समुदाय ने घटना में अनंत सिंह और उनके समर्थकों को सीधे शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
अदालत में पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि अनंत सिंह का प्रभाव क्षेत्र बहुत बड़ा है और उनकी रिहाई से गवाहों पर दबाव पड़ सकता है और जांच प्रभावित हो सकती है।
बचाव पक्ष ने दावा किया कि विधायक को बिना पर्याप्त साक्ष्यों के आरोपित किया गया है और यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की साजिश का हिस्सा है।
अनंत सिंह के वकील कुमार हर्षवर्धन ने कहा, “अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। आदेश की प्रति मिलने के बाद हम पटना हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उच्च न्यायालय में हमें राहत मिलने की संभावना है।”
कोर्ट के फैसले के बाद मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जदयू समर्थक और विपक्षी दोनों ही गुट इस मामले पर सक्रिय हैं। हत्या की यह घटना चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट में अपील का परिणाम न केवल कानूनी मोर्चे पर बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
