बिहार में अपराध एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर केंद्र में आ गया है। ऐसे माहौल के बीच नए गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कड़े बयान से अपराधियों को साफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि “सुशासन स्थापित करने के लिए बेलगाम अपराधियों के खिलाफ ठोस और कड़े कदम उठाए जाएंगे। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन का मॉडल आगे भी जारी रहेगा और बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देशन में उन्हें गृह विभाग की जिम्मेदारी मिली है और वे अपनी भूमिका पूरी सख्ती के साथ निभाएंगे।
सम्राट चौधरी ने कहा “बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। यहां से अपराधियों को बाहर जाना होगा। सुशासन ने हमेशा अराजकता को समाप्त किया है और आगे भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।”
जब गृह मंत्री से पूछा गया कि क्या बिहार में भी यूपी मॉडल लागू होगा, तो उन्होंने कहा कि बिहार पहले से ही कानून व्यवस्था की दृष्टि से सख्त राज्य है और अपराधियों के लिए यहां कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने दोहराया — “अपराधी समझ लें कि बिहार में रहने का रास्ता बंद है। राज्य से बाहर जाना ही पड़ेगा।”
बेगूसराय में हाल ही में हुए पुलिस–एसटीएफ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार कानून के खिलाफ जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शने के मूड में नहीं है।
साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के मल्हीपुर–शालिग्रामी इलाके में छापेमारी के दौरान कुख्यात अपराधियों की ओर से की गई फायरिंग के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी को गोली लगी, जिसका इलाज अस्पताल में जारी है।
इससे पहले दो दिन पूर्व तेघड़ा इलाके में भी एनकाउंटर में एक अपराधी घायल हुआ था। लगातार दो एक्शन को राज्य सरकार अपनी अपराध विरोधी नीति का संकेत मान रही है।
बेगूसराय की घटना के बाद बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामग्री जब्त की गई है। बरामदगी में शामिल है:
7 देसी पिस्टल
1 अर्द्धनिर्मित पिस्तौल
7 मैगजीन
₹3,70,000 नकद
970 अवैध कफ सिरप की बोतलें
हथियार निर्माण सामग्री और उपकरण
सम्राट चौधरी के पहले ही बयान से स्पष्ट संकेत मिल गया है कि सरकार कानून व्यवस्था पर आक्रामक मोड में है। अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने का सख्त संदेश दिया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को “सुशासन की वापसी” के रूप में देखा जा रहा है, वहीं पुलिस महकमा भी सक्रिय मोड में दिखाई दे रहा है।
