राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में 2022 के कार-बम धमाके से जुड़े मामले में सात लोगों और कोवई अरेबिक एजुकेशनल एसोसिएशन के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने युवाओं को ‘फ्री अरबी क्लास’ के बहाने कट्टरपंथी विचारधारा की ओर उकसाया और आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया।
इससे पहले चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें मद्रास अरेबिक कॉलेज के प्रिंसिपल जमील बाशा भी शामिल थे।
एनआईए की चेन्नई शाखा ने अगस्त 2023 में मामले का संज्ञान लिया था। जांच में सामने आया कि धमाके में शामिल 18 आरोपियों में से 14 आरोपी के.ए.ई.ए के छात्र थे।
पूरक चार्जशीट में शामिल सात आरोपियों के नाम हैं: मोहम्मद हुसैन, इर्शाथ, अहमद अली, अबू हनीफा, जवाहर सादिक, शैख दाऊद और राजा मोहम्मद। इनमें से मोहम्मद हुसैन और इर्शाथ पहले से ही मूल चार्जशीट में शामिल थे। साथ ही संस्था के.ए.ई.ए को भी कानूनी इकाई के रूप में आरोपी बनाया गया है।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने युवाओं को प्रभावित करने के लिए ज़ूम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल किया। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है। जांच अभी जारी है।
