बिहार के नवादा जिले में फेरी करने वाले मुस्लिम कपड़ा व्यापारी अतहर हुसैन की कथित तौर पर धर्म पूछकर की गई पीट-पीटकर हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को “मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध” करार देते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों के भीतर से कानून और प्रशासन का भय खत्म हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और जाति पूछकर लोगों की हत्या की जा रही है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में कानून का राज कमजोर पड़ चुका है।
एजाज अहमद ने नवादा की घटना का हवाला देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाकर सख्त सजा सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि ऐसी सजा एक नजीर बने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगे।
वहीं, भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने भी नवादा में मोहम्मद अतहर हुसैन की भीड़ द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के कार्यभार संभालने के बाद बिहार में भीड़ हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। कुणाल ने आरोप लगाया कि यदि एनडीए सरकार बिहार में ‘योगी मॉडल’ लागू करने का सपना देख रही है, तो यह लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरनाक होगा।
भाकपा (माले) ने मांग की है कि इस हत्या में शामिल सभी दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत शीघ्र सजा दी जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए तथा राज्य में बुलडोजर कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। साथ ही गृह मंत्री से कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग भी की गई है।
नवादा की यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। लगातार सामने आ रही भीड़ हिंसा की घटनाओं ने बिहार में कानून के राज और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
