गोपालगंज के थावे भवानी मंदिर में हुई बहुचर्चित चोरी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थावे थाना क्षेत्र के रीखई टोला गांव के पास पुलिस और चोरी के दूसरे आरोपी इजमामुल आलम के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे सदर अस्पताल, गोपालगंज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि चोरी के मामले में फरार आरोपी मंदिर से चोरी किए गए सामान को दोबारा लेने छिपाने के स्थान पर पहुंचने वाला है। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी।
घायल आरोपी की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी इजमामुल आलम (21) के रूप में की गई है, जो हाल के दिनों में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में रह रहा था।
उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर को थावे भवानी मंदिर से करीब 1.08 करोड़ रुपये मूल्य के बहुमूल्य सोने के मुकुट की चोरी हुई थी। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि चोरी पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए मुकुट का एक हिस्सा बरामद किया है, जिसे उसने मंदिर से लगभग 1500 मीटर दूर छिपा रखा था। पुलिस का कहना है कि मुकुट के शेष हिस्सों और अन्य चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की योजना में अपनी भूमिका स्वीकार की थी।
घटना के बाद थावे भवानी मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
