राबड़ी देवी की शिफ्टिंग पर राजनीति: जदयू ने तहखाना व गुप्त दस्तावेज़ों की आशंका जताई

बिहार की राजनीति में 20 साल से राज्य के सियासी प्रतीक रहे 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर नया विवाद उभर आया है। गुरुवार रात से इस आवास से घर का सामान छोटे वाहनों में लादकर शिफ्ट किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारे में आरोप‑प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है।

बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने आलोचना करते हुए दावा किया है कि राबड़ी देवी के सरकारी बंगले में “तहखाना और गुप्त दस्तावेज़/खजाना” हो सकता है। उन्होंने सरकार से आवास परिसर की खुदाई कराने की मांग की है ताकि इस आशंका की जांच हो सके। नीरज ने आरोप लगाया कि रात में सामान शिफ्ट किए जाने से यह सवाल उठते हैं कि क्या सरकारी संपत्ति को समुचित रिकॉर्ड बनाए बिना हटाया जा रहा है।

नीरज कुमार ने कहा, “यह सरकारी संपत्ति है और गरीबों के टैक्स से खरीदी गई है। कोई इसे बिना ऑनर दिए उठा नहीं ले जा सकता।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जदयू के अनुसार 10 सर्कुलर रोड बंगले में कुछ छिपा हो सकता है, जिस कारण राबड़ी देवी आवास खाली करने में देरी कर रही हैं।

वहीं, राष्ट्रवादी जनता दल (आरजेडी) और राबड़ी देवी के समर्थक इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और असत्य बता रहे हैं। आरजेडी ने स्पष्ट किया है कि बंगले में कोई “खजाना” या अन्य गुप्त वस्तुएँ नहीं हैं और ऐसे दावे केवल विपक्ष की राजनीति का हिस्सा हैं।

कार्रवाई के बीच तेजप्रताप यादव ने कहा कि सरकारी निवास किसी का व्यक्तिगत अधिकार नहीं हो सकता और नियमों के अनुसार इसे खाली करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि निवास खाली हो रहा है तो परिवार अपने निजी आवास में शिफ्ट हो जाएगा और सरकार को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

सियासत तब और गरमाई जब जदयू ने लालू‑राबड़ी परिवार के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए, यह कहते हुए कि 10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी आवास नहीं बल्कि दशकों से बिहार की राजनीति की पहचान रहा है। बंगला खाली करने की यह प्रक्रिया पिछले महीने बिहार भवन विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद शुरू हुई, जिसमें राबड़ी देवी को 25 नवंबर 2025 को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का आदेश भेजा गया और उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास पर शिफ्ट होने को कहा गया।

रात में शिफ्टिंग की खबरें वायरल होने के साथ ही राजनैतिक तापमान बढ़ गया है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह विवाद केवल सत्ता‑विपक्ष की राजनीतिक जंग है या इसके पीछे कुछ और गंभीर आरोप‑प्रत्यारोप भी छिपे हैं।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर