मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिमी चंपारण से अपनी समृद्धि यात्रा की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और खेलों के क्षेत्र में बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि अब बिहार कभी पीछे नहीं रहेगा और राज्य के सभी जिलों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई नीति लाने की बात कही। इसके तहत सरकारी चिकित्सक निजी क्लीनिक नहीं चला पाएंगे, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
नीतीश कुमार ने बताया कि हर प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज और एक आदर्श स्कूल खोला जाएगा, ताकि बिहार के युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों के लिए साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति देने का काम जारी है। इसके साथ ही 5,24,000 शिक्षकों की भर्ती भी पूरी हो चुकी है।
बेतिया शहर में मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, स्टेडियम में आधुनिक सुविधाओं का विकास, बाइपास निर्माण और औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। जिले के मननपुर से उत्तर प्रदेश सीमा और इनरवा से वाल्मीकिनगर तक नई सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है।
सात निश्चय योजना के तहत जिले की 6,62,000 महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। रोजगार बढ़ाने के लिए 2-2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। महिलाओं के लिए 35% आरक्षण और जीवनिका दीदियों को रोजगार बढ़ाने के लिए 2 लाख की सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।
नीतीश कुमार ने कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम को बिहार में बढ़ावा दिया जाएगा और खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा और नए उद्योग लगाए जाएंगे।
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 153 करोड़ की लागत से 125 नई योजनाओं का शिलान्यास और 29 करोड़ की लागत से 36 योजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, आपदा मंत्री नारायण साह और अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
नीतीश कुमार ने अंत में कहा “अब बिहार विकसित राज्यों में शामिल होगा, और हर क्षेत्र में जनता को सीधे लाभ मिलेगा।”
