खाड़ी युद्ध: ईरान के खिलाफ कुर्दों का इस्तेमाल करेगा अमेरिका? इराक से कुर्द लड़ाकों की घुसपैठ की खबरों से बढ़ा तनाव

मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच ईरान-इराक सीमा से एक नया और चिंताजनक घटनाक्रम सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मौजूद हजारों कुर्द लड़ाके ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कुर्द मिलिशिया के कुछ लड़ाके ईरान के पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश कर चुके हैं। हालांकि इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सूत्रों के मुताबिक ईरानी-कुर्द संगठनों के लड़ाके हाल के दिनों में ईरान-इराक सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय देखे गए हैं। इनमें Kurdistan Free Life Party, Democratic Party of Iranian Kurdistan और Kurdistan Freedom Party जैसे संगठन शामिल बताए जाते हैं। इन समूहों की गतिविधियां खासतौर पर ईरान-इराक सीमा के पास स्थित Zagros Mountains के पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ने की खबरें हैं।

अमेरिकी संपर्क की चर्चा, आधिकारिक इनकार

कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हाल के दिनों में कुर्द नेताओं और अमेरिकी अधिकारियों के बीच संभावित सहयोग को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि White House ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका ने कुर्द बलों को हथियार देने या ईरान के खिलाफ किसी जमीनी अभियान को समर्थन देने का कोई निर्णय नहीं लिया है।

नजफ के रेगिस्तान में रहस्यमयी हेलीकॉप्टर गतिविधि

इसी बीच इराकी सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि Najaf Desert में चार से सात हेलीकॉप्टरों के माध्यम से एक हवाई उतार अभियान चलाया गया। माना जा रहा है कि इस अभियान का उद्देश्य निगरानी उपकरण स्थापित करना या ईरान विरोधी समूहों को सहायता पहुंचाना हो सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी देश की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ईरान ने खबरों को बताया “मनोवैज्ञानिक युद्ध”

ईरान ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सीमाओं पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ईरानी सुरक्षा प्रतिष्ठान और Islamic Revolutionary Guard Corps ने कहा है कि सीमा क्षेत्र में किसी बड़े पैमाने की घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है और इस प्रकार की खबरें “मनोवैज्ञानिक युद्ध” का हिस्सा हो सकती हैं।

क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कुर्द लड़ाके वास्तव में ईरान के भीतर सक्रिय होते हैं तो इससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। पहले से मौजूद भू-राजनीतिक टकराव के बीच यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को और जटिल बना सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार कुर्द समूह लंबे समय से ईरान में राजनीतिक अधिकारों और स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं। मौजूदा हालात में यदि उन्हें बाहरी समर्थन मिलता है तो इससे ईरान के अंदर सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

फिलहाल स्थिति तेजी से बदल रही है और ईरान-इराक सीमा पर बढ़ती गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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