अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और अपने स्थापना दिवस के अवसर पर The ShED-Forum ने एक विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका विषय था “Unlocking Brighter Futures for Women: Education’s Power to Empower Backward Communities.”
मुख्य अतिथि प्रोफेसर मुजीबुर रहमान (जेएनयू, नई दिल्ली) ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और यह पिछड़े समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में शिक्षा ही सबसे बड़ा उपकरण है।
कार्यक्रम में डॉ. जहांगिर आलम (बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय), डॉ. सलीम अख्तर (पटना विश्वविद्यालय) और परवेज आलम (ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर) ने महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की। वहीं हाजरा परवीन (एमिटी यूनिवर्सिटी, मुंबई), फौजिया तबस्सुम (एमबीबीएस, जेएलएनएम कॉलेज, भागलपुर), रौनक़ा परवीन (द सिटिजन पोस्ट) और तौहीदा खातून ने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए।
सबनवाज़ अहमद, शेड फोरम के प्रतिनिधि और कार्यक्रम संचालक ने कहा कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सीमांचल के पिछड़े इलाकों तक जागरूकता और अवसर पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में संगठन ने सीमांचल के विद्यार्थियों को देश की छह केंद्रीय विश्वविद्यालयों से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
सबनवाज़ अहमद ने आगे कहा कि पटना विश्वविद्यालय में शेड फोरम का नया यूनिट जल्द ही स्थापित किया जाएगा, जिससे संगठन की गतिविधियाँ और व्यापक स्तर पर संचालित की जा सकें और शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता जमीनी स्तर तक पहुँच सके। उन्होंने यह भी बताया कि सीमांचल क्षेत्र की साक्षरता बढ़ाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए भविष्य में विभिन्न शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगठन जमीनी स्तर पर शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रम, निशुल्क कोचिंग और करियर मार्गदर्शन चला रहा है, जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम की सफलता में आयोजक टीम के सदस्य मोहम्मद असलम, इफ्तेखारुल इस्लाम और शोएब मलिक आज़ाद ने अहम भूमिका निभाई। अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
