मध्य पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ने ईरान की ज़मीन पर घुसने की कोशिश की तो हजारों अमेरिकी सैनिक मारे जाएंगे या पकड़ लिए जाएंगे।
लारीजानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के कई अधिकारी ईरान के खिलाफ संभावित ज़मीनी सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं कर रहे हैं।
खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ा तनाव
पिछले शनिवार को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
खामेनेई के क़रीबी सहयोगी माने जाने वाले लारीजानी ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों के लिए ईरान में प्रवेश करना गंभीर परिणाम लेकर आएगा।
उन्होंने कहा “कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे हज़ारों सैनिकों के साथ ईरान की ज़मीन पर उतरना चाहते हैं। इमाम खुमैनी और इमाम खामेनेई के बहादुर बेटे उनका इंतज़ार कर रहे हैं। वे भ्रष्ट अमेरिकी अधिकारियों को शर्मिंदा करेंगे और हजारों सैनिकों को मारेंगे या पकड़ लेंगे।”
“हम डरते नहीं, उनका इंतज़ार कर रहे हैं”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसी स्वर में अमेरिका को चेतावनी दी! अमेरिकी मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा “नहीं, हम डरते नहीं। हम उनका इंतज़ार कर रहे हैं। अगर अमेरिका ने ज़मीनी हमला किया तो यह उसके सैनिकों के लिए बड़ी तबाही साबित होगा।”
ईरान पर लगातार हमले
युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की है। इससके जवाब में ईरान ने भी पूरे मध्य पूर्व में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा गया है!राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध “उम्मीद से बेहतर” चल रहा है और अमेरिका तथा इज़राइल को ईरान के आसमान पर नियंत्रण मिल चुका है। हालांकि तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह खामेनेई की हत्या का बदला लिए बिना पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिका से बातचीत से इनकार
लारीजानी ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा “हम अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे।”
वेनेज़ुएला मॉडल की चर्चा
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान में भी वही रणनीति अपनाना चाहते हैं जो हाल ही में वेनेज़ुएला में अपनाई गई थी। अमेरिका ने जनवरी में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेकर अमेरिका पहुंचाया था। बाद में उनकी जगह उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ को सत्ता सौंपी गई, जिन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में भी “ऐसा ही परिदृश्य” सबसे सही होगा।
उत्तराधिकारी को लेकर बहस
ईरान के अगले सर्वोच्च नेता का चयन धार्मिक विद्वानों की परिषद “असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स” द्वारा किया जाएगा!खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को संभावित दावेदारों में माना जा रहा है, लेकिन ट्रंप ने पहले ही कह दिया है कि वे उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।
जिनेवा वार्ता के बाद शुरू हुआ युद्ध
गौरतलब है कि युद्ध शुरू होने से कुछ दिन पहले अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच जिनेवा में तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई थी!लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया।
बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ने ईरान में ज़मीनी सैनिक उतारे तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकता है। ऐसी स्थिति में वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।