सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी ने बिहार में हाल ही में उठाए गए राजनीतिक कदमों की कड़ी निंदा की है। शफी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा की सदस्यता लेना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में भाजपा के लिए मुख्यमंत्री पद का रास्ता तैयार किया जा रहा है।
मुहम्मद शफी ने इसे बिहार की जनता द्वारा दिए गए जनादेश के साथ गंभीर विश्वासघात करार दिया और कहा, “लोगों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में विश्वास जताया था, न कि चुनाव के बाद उन्हें किनारे कर देने वाली राजनीतिक चाल के पक्ष में।”
उन्होंने कहा कि यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है, जिसमें क्षेत्रीय सहयोगियों का केवल चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता है और उद्देश्य पूरा होते ही उन्हें अलग कर दिया जाता है। शफी ने जोर देकर कहा कि ऐसे राजनीतिक कदम लोकतांत्रिक मूल्यों और संघवाद की भावना को कमजोर करते हैं।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया का मानना है कि बिहार की जनता ऐसी शासन व्यवस्था की हकदार है जो उनके जनादेश का सम्मान करे और राज्य की गरिमा और स्वायत्तता की रक्षा करे।
राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य में सत्ता संतुलन और भविष्य की सियासी दिशा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं।