सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने देश में गहराते ईंधन संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सादिया सैयदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की रणनीतिक और कूटनीतिक चूकों के कारण देश की ऊर्जा आपूर्ति खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि इसका असर अब आम नागरिकों, छोटे कारोबारों और आतिथ्य क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है।
सादिया सैयदा ने एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इज़राइल यात्रा और वहां की सरकार के साथ व्यापक सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर करने से भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों में तनाव पैदा हुआ है। उनके अनुसार इस बदलाव ने भारत की संतुलित कूटनीतिक नीति को कमजोर किया है, जिससे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के समय देश के ऊर्जा हितों की सुरक्षा प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि ईरान में स्कूली बच्चों के नरसंहार और वरिष्ठ ईरानी नेताओं की लक्षित हत्याओं से जुड़ी खबरों पर केंद्र सरकार की चुप्पी भी गंभीर चिंता का विषय है। उनके मुताबिक यह रुख न्याय और गुटनिरपेक्षता के उन सिद्धांतों से विचलन को दर्शाता है, जो कभी भारत की विदेश नीति का मार्गदर्शन करते थे।
एसडीपीआई नेता ने यह भी कहा कि बांग्लादेश जैसे देशों ने पहले ही होरमुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए आश्वासन प्राप्त कर लिया है, जबकि भारत को अब तक कोई स्पष्ट और आधिकारिक गारंटी नहीं मिली है। इससे बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच देश के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्ग असुरक्षित बने हुए हैं।
सादिया सैयदा ने कहा कि इसके परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। कई क्षेत्रों में एलपीजी की कमी, घबराहट में खरीदारी, लंबी कतारें और रेस्तरां तथा छोटे भोजनालयों के बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह तुरंत अपनी विदेश नीति की दिशा की पुनर्समीक्षा करे, देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए और यह सुनिश्चित करे कि भू-राजनीतिक समीकरणों के कारण आम नागरिकों की आजीविका खतरे में न पड़े।