बाबासाहब अंबेडकर के अपमान के खिलाफ़ बिहार के पूर्णिया से लेकर केरल के मल्लापुरम तक एसडीपीआई का सैंकड़ों जगहों प विरोध प्रदर्शन

दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ़ बिहार के कटिहार!महाराष्ट्र के मुंब्रा,मुंबई,पुणे!बंगाल के मुर्शिदाबाद!गुजरात के अहमदाबाद!आंध्रप्रदेश के कडप्पा!तमिलनाडु के नीलाई,विल्लूपुरम!केरल के पंडालम,मल्लापुरम!कर्नाटक के गुलबर्गा,बैंगलोर सहित देश भर के 300 से ज़्यादा जगहों पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (एसडीपीआई) ने विरोध प्रदर्शन किया
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मजीद ने कहा कि “बाबासाहब अंबेडकर ने हज़ारों सालों से हाशिए पर खड़े और अत्याचार,भेदभाव व अपमान झेल रहे समाज को न्याय और सम्मान दिलाया है और उनका दिया हुआ संविधान भारत के दलित,पिछड़ों,आदिवासी,अल्पसंख्यक और महिलाओं के सुरक्षा,न्याय और विकास के लिए एक ढाल है”
अब्दुलमजीद ने आगे कहा कि “भाजपा और आरएसएस का मानवता विरोधी मनुस्मृति को लागू करने का मंसूबा है और बाबासाहब अंबेडकर उसमें सबसे बड़ी रुकावट है,इसी कारण इनके पूर्वज सावरकर को भी बाबासाहब से समस्या थी और अब सावरकर के ही वैचारिक शिक्षा पर आधारित बयान अमित शाह का है”
अब्दुल मजीद ने बाबासाहब अंबेडकर के ज़रिए हाशिए पर खड़े लोगों को न्याय व सम्मान मिलने की बात का ज़िक्र करते हुए पूछा कि “ऐसे व्यक्ति का नाम बार-बार लेने में क्या समस्या है?, लोगों को मारने के लिए भगवान का नाम लेने की जगह बाबासाहब अंबेडकर का नाम लेना और बराबरी हासिल करना हज़ार गुना बेहतर है”
एसडीपीआई नेता अब्दुलमजीद ने अमित शाह के बयान को बाबासाहब अंबेडकर और भारतीय संविधान का अपमान बताते हुए उनसे माफ़ी मांगने की मांग किया
मालूम हो कि पिछले दिनों ही गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस व विपक्षी दलों को निशाना बनाते हुए कहा था कि “अंबेडकर,अंबेडकर करने का नया फ़ैशन आया है,जितनी बार अंबेडकर का नाम लेते हो,उतनी बार भगवान का नाम ले लो तो 07 बार स्वर्ग में जाओगे”, अमित शाह के इस बयान के बाद से संसद से लेकर सड़क तक हंगामा जारी है