
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) उत्तरप्रदेश के मेरठ में 28 साल पहले हुए आग़ज़नी के मामले में आरोप झेल रहे समाजवादी पार्टी के विधायक रफीक अंसारी को एमपी-एमएलए कोर्ट से ज़मानत मिल गई है
मेरठ के एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मुकदमे में 13 दिसंबर को फाइनल सुनवाई हुई,अंतिम सुनवाई के दिन जज ने दोनों पक्षों से सुबूत और गवाह मांगे, लेकिन दोनों ही पक्षों की तरफ से कोई ठोस सुबूत,मजबूत गवाह नहीं मिले,इसके बाद अदालत ने न्यायहित में फैसला सुनाते हुए रफीक अंसारी को मुकदमे से बरी करते हुए 23 साल पुराने केस को क्लोज कर दिया
मेरठ शहर सीट से विधायक रफीक अंसारी के खिलाफ़ 1995 के हुए आग़ज़नी के इस मामले में गैरज़मानती 101 वारंट जारी हुआ था और 23 मई 2024 को बाराबंकी से गिरफ्तार होने के बाद 56 दिन जेल में भी रहे थे
रफीक अंसारी के विधायक विवेक कुमार ने मीडिया को बताया कि “इस मामले में विधायक रफीक अंसारी का नाम नहीं थे,लेकिन बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट के ज़रिए उनका नाम जोड़ा गया था”