अमेरिका से 205 भारतीय डिपोर्ट, अवैध प्रवासियों पर सख़्त कार्रवाई तेज़

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

अमेरिका ने अवैध रूप से देश में रह रहे प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 205 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया है। आज इन सभी को एक विशेष सैन्य विमान के जरिए पंजाब के अमृतसर लाया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये सभी भारतीय या तो गैर-कानूनी रूप से बॉर्डर पार करके अमेरिका पहुंचे थे या फिर उनके वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वे वहां रह रहे थे। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने हाल के दिनों में ऐसे प्रवासियों की धरपकड़ अभियान को तेज कर दिया है।
लेकिन सवाल ये है कि इन अवैध प्रवासियों को सैन्य विमान से क्यों लाया गया गया, यात्री विमान से क्यों नहीं? जिस विमान के बारे में ये कहा जा रहा है कि उसमें बस एक टॉयलेट है, साथ ही साथ कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उन प्रवासियों के हाथ भी बंधे हुए हैं, जो कि सवाल खड़ा कर रहा है कि आख़िर उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते वहां की सरकार इस तरह का सख्त कदम उठा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में करीब 5 लाख भारतीय अवैध रूप से रह रहे हैं। इनमें से ज्यादातर वे लोग हैं जिनका वीजा समाप्त हो चुका है, लेकिन वे किसी न किसी तरीके से वहां ठहरने की कोशिश कर रहे हैं।

अवैध प्रवासियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन लगातार कड़े कदम उठा रहा है। हाल ही में ICE ने 18,000 से अधिक अवैध प्रवासियों को चिन्हित किया है, जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। आने वाले समय में और भी भारतीयों के डिपोर्ट होने की संभावना जताई जा रही है।

क्यों बढ़ रही है अवैध प्रवास की समस्या?
भारत, मैक्सिको, ग्वाटेमाला और होंडुरास जैसे देशों से हर साल बड़ी संख्या में लोग अमेरिका का रुख करते हैं। इनमें से कई लोग अवैध तरीकों से वहां पहुंचते हैं, जबकि कुछ कानूनी वीजा लेकर जाते हैं लेकिन उसकी समय सीमा समाप्त होने के बाद भी रुक जाते हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान अमेरिका की आव्रजन नीतियां काफी सख्त हो गई थीं। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” लागू की थी, जिसके तहत अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वालों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया जाता था। इस नीति के तहत:
-बिना वैध दस्तावेजों के रहने वालों को गिरफ्तार कर देश से निकाला जाता था।
-भारतीय पेशेवरों और आईटी सेक्टर के लिए अहम H1-B वीजा पर कड़े नियम लागू किए गए थे।
-अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अवैध प्रवास को रोकने के लिए दीवार बनाने की योजना बनाई गई थी।
-शरण लेने वाले प्रवासियों की संख्या को सीमित किया गया था।

हालांकि, जो बाइडेन प्रशासन के आने के बाद कुछ नीतियों में नरमी बरती गई थी, लेकिन एक बार फिर अमेरिका में आव्रजन नीति सख्त हो रही है।

भारत सरकार अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों के लिए कानूनी सहायता प्रदान करने पर विचार कर रही है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश न करें।

जो लोग अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पूरा पालन करना जरूरी होगा।
-अमेरिका जाने से पहले वीजा संबंधी सभी नियमों की जानकारी लें।
-एजेंटों के झांसे में न आएं, जो अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाने का दावा करते हैं।
-अमेरिका में रहने के दौरान वीजा अवधि का ध्यान रखें और समय पर नवीनीकरण कराएं।

अमेरिकी प्रशासन अवैध प्रवासियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई कर सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी भारतीयों के डिपोर्ट होने की आशंका बनी हुई है।

(ये स्टोरी मानू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मुहम्मद फैजान ने लिखी है)

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