
इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
पूर्णिया,बिहार के रंगभूमि मैदान में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों और वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ एक विशाल विरोध जनसभा का आयोजन किया गया। इस जनसभा में हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक गुरु और बुद्धिजीवी मौजूद थे। इस विरोध सभा का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करना था, जिन्हें अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ बताया जा रहा है।
*वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर
SDPI के बिहार प्रदेश प्रभारी, डॉ. महबूब अवाद शरीफ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “वक्फ संपत्तियां अल्लाह की अमानत हैं, और इन्हें बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह विधेयक न केवल वक्फ संपत्तियों पर खतरा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि हमारे संवैधानिक अधिकारों पर भी सीधा हमला है, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार का यह कदम देश के लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ है और यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है।”
*राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का तीखा हमला
SDPI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एडवोकेट शर्फुद्दीन, ने कहा, “यह विधेयक न सिर्फ वक्फ संपत्तियों को समाप्त करने की कोशिश है, बल्कि देश की संवैधानिक संरचना को कमजोर करने का भी प्रयास है। यह सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है और धार्मिक अल्पसंख्यकों के संसाधनों पर कब्जा करना चाहती है। हम इस साजिश को सफल नहीं होने देंगे और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।”
*कांग्रेस सांसद पप्पू यादव की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद पप्पू यादव ने भी इस सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आज हम नहीं जागे, तो वे दिन दूर नहीं जब मोदी सरकार मंदिर, मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों की जमीनें भी अपने मित्रों को सौंप देगी। यह सरकार जनता को धोखा देकर अपने पूंजीपति मित्रों के लिए नीतियां बना रही है। वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित रखना सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं, बल्कि देश के हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “कोई नहीं बोलता, सिर्फ कांग्रेस बोलती है और सिर्फ SDPI बोलती है।”
*SDPI बिहार अध्यक्ष अफताब तैमी का बयान
SDPI बिहार के प्रदेश अध्यक्ष, अफताब तैमी, ने भी सभा में अपने विचार रखते हुए कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक हमारे धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। इस विधेयक के जरिए सरकार वक्फ संपत्तियों को जब्त करने का षड्यंत्र रच रही है। लेकिन हम इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। यह लड़ाई केवल वक्फ संपत्तियों की नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों की भी है। हम सरकार के इस कदम के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।”
*विरोध प्रदर्शन में जनता की भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में बिहार के विभिन्न जिलों से आए हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और वक्फ संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की।
*सोशल मीडिया पर बढ़ता समर्थन
यह विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बना। वहीं, पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी इस विरोध से संबंधित कई पोस्ट देखने को मिलीं, जिनमें उन्होंने सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और इस विधेयक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
पूर्णिया में आयोजित यह विरोध जनसभा केंद्र सरकार के वक्फ संपत्तियों से संबंधित विधेयक के खिलाफ जनता के गुस्से और असंतोष को दर्शाती है। SDPI और अन्य संगठनों के नेताओं ने इस विधेयक को संविधान विरोधी करार देते हुए इसके खिलाफ अपने संघर्ष को तेज करने की चेतावनी दी।