उत्तर प्रदेश का ‘स्मार्ट गांव’: प्रधान असलम खान ने बीनापारा को बनाया हाईटेक पंचायत

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के मिर्जापुर ब्लॉक स्थित बीनापारा ग्राम पंचायत ने हाल ही में अपने हाईटेक पंचायत सचिवालय के कारण राज्यभर में सुर्खियां बटोरी हैं। ग्राम प्रधान मोहम्मद असलम खान के नेतृत्व में, यह पंचायत आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर अन्य गांवों के लिए मिसाल बन गई है।

हाईटेक पंचायत सचिवालय की विशेषताएं

बीनापारा का पंचायत सचिवालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल, और ग्राम रोजगार सेवक एक ही छत के नीचे कार्यरत हैं, जिससे ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। यहां जन सुविधा केंद्र भी स्थापित है, जहां ऑनलाइन आवेदन और सूचनाओं की फीडिंग होती है।

अन्य विकास कार्य

ग्राम पंचायत में 28 सोलर लाइट्स लगाई गई हैं, जिससे रात में भी गांव की सड़कें रोशन रहती हैं। इसके अलावा, हाट बाजार, अन्नपूर्णा भवन, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम, ऑनलाइन पढ़ने के लिए आधुनिक लाइब्रेरी, सामुदायिक मिलन केंद्र, मॉडल स्कूल, सामुदायिक शौचालय, आंगनबाड़ी भवन, खेल का मैदान, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, व्यक्तिगत शौचालय, और जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण किया गया है। गांव में शहरों की तरह डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी किया जाता है।

ग्राम प्रधान असलम खान की प्रेरणादायक कहानी

आठवीं कक्षा तक शिक्षित असलम खान पहले स्क्रैप कारोबारी थे, लेकिन गांव के प्रति उनके लगाव ने उन्हें प्रधान पद की ओर प्रेरित किया। उन्होंने सचिवालय में बच्चों के लिए हाईटेक लाइब्रेरी भी बनवाई है। सचिवालय में बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा के जरिए की जाती है, और गांव की सुरक्षा के लिए पुलिस बीट का कक्ष भी मौजूद है।

सरकारी सराहना और भविष्य की योजनाएं

ग्राम पंचायत बीनापारा में किए गए विकास कार्यों की मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना ने भी सराहना की है। असलम खान का सपना है कि सचिवालय में जिम और एक मिनी स्टेडियम भी बनाया जाए, जिसके लिए वे प्रयासरत हैं।

ग्राम प्रधान असलम खान के प्रयासों ने बीनापारा को एक मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित किया है, जो अन्य ग्राम प्रधानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। उनकी दूरदर्शिता और समर्पण से गांव में विकास की नई लहर आई है, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा हुआ है।

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