इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता फिरोज आलम के पटना और नई दिल्ली स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
ईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक एन. एच. खान के अनुसार, अभियंता आलम वर्तमान में बिहार भवन, बिहार निवास और बिहार सदन, नई दिल्ली में रेजिडेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी आय से 91.08 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।
न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद, ईओयू की टीमों ने नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सुखदेव विहार, जौहरी फार्म नूर नगर एक्सटेंशन जामिया नगर, बिहार निवास कार्यालय, बिहार सदन कार्यालय, और पटना के समनपुरा स्थित डेनियल मेंशन में छापेमारी की।
तलाशी के दौरान, दिल्ली के सुखदेव विहार स्थित आवास से नगद राशि और स्वर्ण आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा, दिल्ली में जौहरी फार्म में दो फ्लैट, शाहीनबाग में एक, जाम नगर में एक और सुखदेव नगर में एक फ्लैट होने की जानकारी मिली है। पटना में, समनपुरा में भाई के नाम पर एक फ्लैट का पता चला है।
ईओयू को तलाशी के दौरान मेरठ में भूखंड खरीदे जाने के संबंध में दस्तावेज भी मिले हैं। इसके अलावा, अभियंता आलम के पास स्वयं के नाम से मारुति इग्निस कार और पत्नी के नाम से टोयोटा इटियोस कार पाई गई है। सूत्रों के अनुसार, आलम अपने भतीजे के नाम पर सियाज गाड़ी खरीदकर बिहार निवास में किराए पर चलवा रहे थे।
आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी पदों पर बैठे कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित कर रहे हैं। यह छापेमारी बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
