इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ बिहार में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मुजफ्फरपुर के औराई में इंसाफ मंच द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में इस बिल को संविधान विरोधी करार देते हुए उसकी प्रतियां जलाई गईं। इसी मंच से ‘शाहीन बाग 2’ शुरू करने का ऐलान किया गया, जिससे बिहार में इस मुद्दे पर बड़े जनआंदोलन की शुरुआत मानी जा रही है। वहीं, मुजफ्फरपुर शहर के कल्याणी चौक पर भी महागठबंधन के विभिन्न दलों ने इस विधेयक की प्रति जलाकर विरोध जताया।
‘शाहीन बाग 2’ के जरिए बड़ा जनसंघर्ष छेड़ने की चेतावनी
औराई में आयोजित धरने में महागठबंधन समर्थित भाकपा-माले के पूर्व विधायक प्रत्याशी और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम ने कहा, “यह बिल एक गहरी साजिश का हिस्सा है, जिसके जरिए मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों, मजारों और वेल्फेयर संस्थानों की संपत्तियों को छीनने की कोशिश की जा रही है। अगर यह विधेयक वापस नहीं लिया गया, तो हम ‘शाहीन बाग 2’ के जरिए एक बड़ा जनसंघर्ष शुरू करेंगे।”
एसडीपीआई औराई विधानसभा के अध्यक्ष मुहम्मद नासरुद्दीन ने इस बिल को धार्मिक संस्थानों और संपत्तियों की पवित्रता पर हमला बताया। वहीं, राजद नेता तौफीक रजा ने कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है और गरीबों-वंचितों के उत्थान के लिए बनी वक्फ संपत्तियों की अखंडता को खतरे में डालता है।
कल्याणी चौक पर भी गरजा विरोध, वक्फ बिल की प्रतियां जलाई गईं
मुजफ्फरपुर के कल्याणी चौक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में महागठबंधन के विभिन्न दलों ने हिस्सा लिया। भाकपा-माले के जिला सचिव सूरज कुमार सिंह ने कहा, “भाजपा इस बिल के जरिए चुनावी ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। यह विधेयक अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश का हिस्सा है और इसके जरिए बिहार चुनाव से पहले माहौल गरमाने की कोशिश की जा रही है।”
इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष फहद जमा ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि भविष्य में अन्य धार्मिक समुदायों के मंदिरों और मठों को भी प्रभावित करेगा। राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद इकबाल शमी ने इसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बिल बताया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इसे मुकेश अंबानी के हितों को ध्यान में रखते हुए लाया है।
विरोध प्रदर्शन में कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
औराई और मुजफ्फरपुर में हुए इन प्रदर्शनों में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेता शामिल हुए। धरने में मौलाना तालिब रजा अलीमी, महफूजुर्रहमान, शमशेर आलम, मोबस्सिर रजा, अशरफ बाबू, मौलाना गुफरान, गुड्डू साहब, मोहम्मद मुस्तफा, आसिफ रजा, फरहान बख्शी, मोहम्मद फैसल, मोबीन सर, रिजवान और मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
वक्फ़ बिल पर आपत्ति
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस विधेयक को लेकर आरोप है कि इसके जरिए वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे अल्पसंख्यक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित होगी। विरोधी दलों का कहना है कि सरकार इस विधेयक के जरिए धार्मिक संपत्तियों को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की योजना बनाई जा रही है
आगे क्या?
इंसाफ मंच और अन्य संगठनों ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। शाहीन बाग 2 की शुरुआत के ऐलान के बाद यह देखना अहम होगा कि बिहार समेत देशभर में इसका असर कितना व्यापक होता है। फिलहाल, वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
