शम्स आलम गुड्डू की राजद में एंट्री, तेजस्वी के हाथों नई सियासी पारी की शुरुआत राजद ही ग़रीब, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की सच्ची आवाज़ है: शम्स आलम गुड्डू

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के पूर्व राज्य अल्पसंख्यक सेल अध्यक्ष और ज़मीनी नेता शम्स आलम उर्फ़ गुड्डू ने शनिवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया। पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

शम्स आलम गुड्डू ने वीआईपी पार्टी में रहते हुए अल्पसंख्यक समुदाय में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई थी। वह राज्य स्तर के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। अब राजद में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत की है।

इस अवसर पर शम्स आलम गुड्डू ने कहा “राजद आज ग़रीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की सच्ची आवाज़ बन चुकी है। तेजस्वी यादव में मुझे बिहार का भविष्य नज़र आता है और मैं उनकी नेतृत्व में काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।”

मंच पर इस मौके पर बिहार विधान परिषद के सदस्य जनाब क़ारी सोहैब भी मौजूद थे, जो एक सम्मानित और सक्रिय राजनीतिक शख्सियत हैं। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।

तेजस्वी यादव ने शम्स आलम गुड्डू का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा “पार्टी को ऐसे जुझारू और जनसेवक नेताओं की ज़रूरत है जो जनता से सीधे जुड़े हों। मुझे पूरा विश्वास है कि शम्स आलम की शमूलियत से राजद को मजबूती मिलेगी और बिहार की राजनीति में सकारात्मक बदलाव आएगा।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शम्स आलम के समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने ढोल-नगाड़ों और जोशीले नारों के साथ अपने नेता का ज़ोरदार स्वागत किया। माहौल पूरी तरह से उत्सव जैसा था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह क़दम आगामी विधानसभा चुनावों में राजद के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। शम्स आलम जैसे सक्रिय नेता की पार्टी में एंट्री से न सिर्फ़ अल्पसंख्यक समुदाय में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि राजद अब और ज़्यादा समावेशी और जनहितकारी राजनीति की ओर बढ़ रही है।

इस मौके पर मुबारकबाद देने वालों में राजद नेता और पूर्व मुज़फ़्फ़रपुर सचिव मोहम्मद समीउल्लाह, अमजद जमाली, मौलाना मोहम्मद जुनैद, ‘एवान-ए-अदब’ के अध्यक्ष डॉ. मुतीउर्रहमान अज़ीज़, जावेद अख्तर सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे।

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