इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बेंगलुरु में कर्नाटक पुलिस के पूर्व महानिदेशक (DGP) ओम प्रकाश की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
20 अप्रैल को उनके घर में दोपहर के भोजन के दौरान उनकी पत्नी पल्लवी और बेटी कृति ने मिलकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले पल्लवी ने ओम प्रकाश के चेहरे पर लाल मिर्च पाउडर फेंका और फिर चाकू से वार किया।
घटना के बाद पल्लवी ने खुद पुलिस को कॉल कर इस वारदात की जानकारी दी।
हत्या के पीछे घरेलू कलह और मानसिक उत्पीड़न
हत्या से कुछ घंटे पहले पल्लवी ने एक व्हाट्सऐप मैसेज पुलिस अधिकारियों के एक ग्रुप में भेजा था, जिसमें उन्होंने ओम प्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने लिखा, “मैं एक बंधक हूं। मेरी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ओम प्रकाश के एजेंट मेरे पीछे होते हैं। खाना भी मिलावटी होता है।”
संपत्ति विवाद बना हत्या की जड़?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, ओम प्रकाश और पल्लवी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
ओम प्रकाश ने कथित रूप से अपनी प्रॉपर्टी किसी रिश्तेदार के नाम ट्रांसफर कर दी थी, जिससे घरेलू कलह गहराता गया।
यह झगड़ा हत्या तक जा पहुंचा।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
बेटे कार्तिकेश की शिकायत पर IPC की धारा 103, 103(1)(3)(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पल्लवी और कृति को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हत्या में दो चाकुओं का इस्तेमाल हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों मां-बेटी इसमें शामिल थीं।
यह मामला न केवल एक प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारी की हत्या का है, बल्कि यह घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को भी उजागर करता है।