
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने आदिवासियों की आत्महत्या मामले को लेकर केरल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस दिया और उनसे दो हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है
मालूम हो कि केरल के तिरुवनंतपुरम ज़िला में सिर्फ़ एक साल में 23 आदिवासियों की आत्महत्या का मामला पेश आया है, और 2011 से लेकर 2022 तक 138 ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी है
आयोग ने कहा कि “रिपोर्ट में सभी घटनाओं में दर्ज हुई प्राथमिकी की स्थिति और उसमें दिए गए मुआवजे का विस्तारित रिपोर्ट दिया जाए”
मानव अधिकार आयोग ने ये संज्ञान मीडिया में आई रिपोर्ट्स को सामने रखते हुए लिया है,मीडिया रिपोर्ट्स में पाया गया है कि आत्महत्या करने वाले अधिकांश लोग 20-30 आयु के हैं
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार “चरम सामाजिक परिदृश्यों के कारण अत्यधिक तनाव,समुदाय के बाहर विवाह और रिश्तों के कारण दबाव और उत्पीड़न,साथ ही शराब और सेक्स रैकेट का बढ़ता चलन इन आत्महत्याओं का कारण बनता है”