इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
अहमदाबाद शहर के बोपल इलाके में 5 सितंबर को सीवर मैनहोल में दम घुटने से दो दलित युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के 20 वर्षीय विकास लालबहादुर कोरी और 21 वर्षीय कन्हैयालाल खुशीराम कोरी के रूप में हुई।
पुलिस ने मृतक विकास के पिता लालबहादुर छोटेलाल कोरी की शिकायत पर बोपल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। प्रारंभ में केवल ठेकेदार मुकेशकुमार सोमेश्वर अदालत ठाकुर को आरोपी बनाया गया था। बाद में जांच में साइट कॉन्ट्रैक्टर सौरभ पांचाल और साइट इंजीनियर जयनिल को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों को ‘द गार्डन बंग्लोज’ के पास सीवर लाइन साफ करने के लिए बुलाया गया था। ठेकेदार ने उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण दिए बिना मैनहोल में उतरने को कहा। जैसे ही विकास मैनहोल में उतरा, वह जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए कन्हैयालाल भी अंदर गया, लेकिन वह भी बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने फायर ब्रिगेड को बुलाया, जिसने दोनों को बाहर निकाला। उन्हें पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कन्हैयालाल को दोपहर 3:40 बजे और विकास को रात 10:40 बजे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) और 336 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा ‘मैला ढोने वाले कर्मियों के रूप में रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम’ की धारा 7 और 9 तथा ‘अत्याचार अधिनियम’ की धारा 3(2)(v) भी लगाई गई है।
मानव गरिमा एनजीओ के परषोत्तम वाघेला ने कहा, “कानून स्पष्ट है कि श्रमिकों की मौत के लिए जिम्मेदार सभी लोग, जिसमें सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं, जवाबदेह ठहराए जाएंगे।”
यह घटना मैनहोल और सीवर में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है और दोषियों को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
