मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के बांका, भागलपुर और गोड्डा ज़िलों के एल्युमिनी ने संयुक्त रूप से आज़ाद डे कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व छात्रों को एक साझा मंच पर जोड़ते हुए यूनिवर्सिटी के तालीमी विज़न को इलाक़े में मजबूती से आगे बढ़ाना और छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुहम्मद फ़िरोज़ द्वारा कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद विशिष्ट अतिथियों, आमंत्रित मेहमानों और एल्युमिनी सदस्यों ने इस बात पर विस्तृत चर्चा की कि क्षेत्र के छात्र कैसे MANUU और देश के अन्य प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित कर सकते हैं।
इसी अवसर पर Alif (Azad Learning & Impact Foundation) की आधिकारिक स्थापना की गई। फाउंडेशन का मूल उद्देश्य क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, छात्रों को शैक्षणिक अवसरों तक बेहतर पहुँच उपलब्ध कराना और एडमिशन प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन प्रदान करना बताया गया।
फाउंडेशन के पहले अध्यक्ष के रूप में मोहम्मद रेहान को सर्वसम्मति से चुना गया। कार्यक्रम का संचालन भी मोहम्मद रेहान ने किया। वक्ताओं में मुहम्मद सोहराब, असलम आज़ाद, इम्तियाज़ साहब, जमशेद रहमानी समेत अन्य एल्युमिनी शामिल रहे। सभी ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के समावेशी तालीमी विज़न और समाज निर्माण में शिक्षा की निर्णायक भूमिका पर विचार रखे।
कार्यक्रम की सदारत आसिफ़ इक़बाल ने की।
एल्युमिनी ने घोषणा की कि हर वर्ष एडमिशन सीज़न के दौरान अलीफ फाउंडेशन की ओर से कैरियर काउंसलिंग, फ़ॉर्म सबमिशन सहायता, प्रवेश मार्गदर्शन और स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ कोलैबरेशन के ज़रिए छात्रों को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित किया जाएगा।
अंत में मुहम्मद मुकीत ने औपचारिक वोट ऑफ़ थैंक्स पेश किया। इसके साथ ही मौलाना आज़ाद के तालीमी विज़न पर आधारित यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और क्षेत्र में उच्च शिक्षा अभियान को नई गति मिली।
एल्युमिनी संगठनों के अनुसार — यह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा पर आधारित एक लंबी और ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है।
