
दिल्ली (इंसाफ टाइम्स डेस्क) अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अल्पसंख्यक स्टेटस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया है,एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर तीन जजों की नई बेंच बनाई गई है,यह नई बेंच ही तय करेगी एएमयू का दर्जा क्या होगा”
सुनवाई के बीच 07 जजों के बेंच की बहुमत ने कहा कि “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक दर्जे का हकदार है”
सीबीआई समेत 07 जजों के बेंच ने सुनवाई करते हुए 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि “कोई भी धार्मिक समुदाय संस्थान की स्थापना कर सकता है, मगर धार्मिक समुदाय संस्था का प्रशासन नहीं देख सकता है, संस्थान की स्थापना सरकारी नियमों के मुताबिक की जा सकती है”
बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उनके प्रशासन का अधिकार है