असम के सोनितपुर ज़िले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भारतीय वायुसेना (IAF) के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलेंद्र शर्मा को पाकिस्तान के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 64 वर्षीय कुलेंद्र शर्मा को तेज़पुर से शुक्रवार देर रात औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया, जबकि वे पिछले कई महीनों से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे।
सोनितपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरुण पुरकायस्थ ने पुष्टि की कि कुलेंद्र शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें देशद्रोह (धारा 152), दंगा और भारत के खिलाफ साज़िश (धारा 147, 148), साक्ष्य नष्ट करना (धारा 238) और आपराधिक षड्यंत्र (धारा 61(2)) शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, कुलेंद्र शर्मा तेज़पुर एयर फोर्स स्टेशन पर जूनियर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात रह चुके हैं और वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने तेज़पुर विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में भी काम किया। जांच में सामने आया है कि शर्मा कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के संपर्क में थे और उन्होंने संवेदनशील रक्षा-संबंधी जानकारियां साझा कीं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने शर्मा का लैपटॉप और मोबाइल फोन ज़ब्त किया है। डीएसपी हरिचरण भूमिज ने बताया कि डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो जासूसी की “मज़बूत संभावना” की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, अभी यह जांच जारी है कि यह जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई और संपर्क की अवधि कितनी लंबी रही।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब असम पुलिस सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में विदेशी नेटवर्क और जासूसी गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ा रही है। इसी क्रम में एक अलग मामले में सोनितपुर की रहने वाली ज्योतिका कलिता को भी 5 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर पाकिस्तानी संपर्क, संदिग्ध विदेशी लेन-देन और दुबई में एक पाकिस्तानी नागरिक से कथित गुप्त विवाह का आरोप है। पुलिस का दावा है कि ज्योतिका और उसके सहयोगियों ने ‘म्यूल अकाउंट्स’ के ज़रिये बड़ी धनराशि का लेन-देन किया, जिसका संबंध अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी से हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुलेंद्र शर्मा और ज्योतिका कलिता के मामले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों ही घटनाएं असम में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क और विदेशी फंडिंग से जुड़े अपराधों पर चल रही व्यापक कार्रवाई की ओर इशारा करती हैं।
