इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
औराई विधानसभा में भाकपा-माले ने रविवार को भदई बाज़ार में कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित कर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया। कन्वेंशन में पार्टी की पोलिट ब्यूरो सदस्य और ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी तथा पूर्व प्रत्याशी आफ़ताब आलम सहित कई नेताओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए मीना तिवारी ने भाजपा-जदयू गठबंधन और स्थानीय विधायक पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार चुनाव जीतने वाले विधायक जनता से पूरी तरह ग़ायब हो गए, जबकि माले नेताओं ने लगातार संघर्ष जारी रखा।
उन्होंने कहा, “अब औराई की जनता धोखा खाने वाली नहीं है। इस बार जनता माले उम्मीदवार को विधानसभा भेजने का मन बना चुकी है। भाजपा-जदयू सरकार ने विकास के नाम पर केवल जुमले और घोटाले दिए हैं।”
माले के पूर्व प्रत्याशी आफ़ताब आलम ने औराई की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोग आज भी चचरी पुल से जान जोखिम में डालकर सफ़र करने को मजबूर हैं। गरीब, दलित और महादलित पक्के मकान व रोज़गार से वंचित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि “गरीबों के कच्चे घरों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं, जबकि पूंजीपतियों को सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है। भाजपा-जदयू की सरकार ग़रीबों की नहीं, अमीरों की सरकार है। यह लड़ाई सिर्फ़ चुनावी नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई है।”
खेग्रामस बिहार के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी ने कहा कि राज्य में खेती-किसानी की हालत बदतर हो चुकी है और किसानों-मज़दूरों पर हमले बढ़े हैं। उन्होंने नीतीश-मोदी पर कॉरपोरेट हित साधने का आरोप लगाया और संघर्ष तेज़ करने की घोषणा की।
जिला सचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं और युवाओं को बेरोज़गारी मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता अब जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
प्रखंड सचिव मनोज कुमार यादव ने कहा कि औराई-कटरा के गांव अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और जनता को संगठित होकर बदलाव की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
कन्वेंशन में भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभा के अंत में सभी ने एक स्वर में भाजपा-जदयू को हराने और माले उम्मीदवार को जिताने का संकल्प लिया।
