
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) बदायूं की जामा मस्जिद के नीलकंठ महादेव मंदिर के स्थान पर होने के दावे को लेकर मंदिर में पूजा अर्चना की इजाज़त को लेकर याचिका दायर की गई है
मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है,शनिवार को जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी की ओर से कोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद बहस की गई,बहस पूरी न होने पर 3 दिसंबर की तारीख दी गई है
मस्जिद की तरफ़ से अधिवक्ता अनवर आलम ने कहा कि “आज हमने कोर्ट में बहस की है,हमने पक्ष रखा है कि जामा मस्जिद में मंदिर का कोई अस्तित्व ही नहीं है क्योंकि पहले तो हिन्दू महासभा को वाद दायर करने का कोई अधिकार नहीं है, वहीं उनका दावा है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है, मस्जिद साढ़े आठ सौ साल पुरानी है, जाहिर है कि वहां मंदिर का कोई अस्तित्व ही नहीं है”
हिंदू महासभा के एडवोकेट विवेक रेंडर ने कहा कि “हमने नीलकंठ महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की अनुमति के लिए याचिका दायर की है,इस मामले में सुनवाई योग्य है या नहीं, इसको लेकर बहस चल रही है, सरकारी वकील की बहस पूरी हो चुकी है,आज मुस्लिम पक्ष ने बहस की है. उनकी बहस पूरी नहीं हो पाई है,अगली तारीख तीन दिसंबर लगी है”