ओडीशा के संभलपुर जिले में बुधवार रात एक 19 वर्षीय बंगाली मजदूर जुयेल राना को कथित रूप से भीड़ ने पीट‑पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
मृतक जुयेल राना, मुर्शिदाबाद जिले के चकबहादुरपुर गांव के निवासी थे। उनके परिवार और सहकर्मियों का आरोप है कि उन्हें और उनके साथियों को ‘बांग्लादेशी’ होने का संदेह होने के बाद हमला किया गया। घटना के समय जुयेल काम से लौट रहे थे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने पहचान पत्र दिखाने और ‘जय श्री राम’ कहने को कहा, फिर उन्हें बांस के डंडों से पीटा। जुयेल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो अन्य मजदूर अकीउर रहमान (19) और सनोवर हुसैन (27) गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में इलाजाधीन हैं।
संबलपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमंता बारिक ने कहा कि मृतक और आरोपियों को आपस में परिचय था और मामले को व्यक्तिगत विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, परिवार और स्थानीय मजदूर इस दावे से सहमत नहीं हैं।
TMC नेताओं ने मामले को गंभीर बताया और कहा कि बंगाली मजदूर भाषा और पहचान के कारण लगातार निशाना बनाए जा रहे हैं। राज्यसभा सांसद और पश्चिम बंगाल प्रवासी मजदूर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष समिरुल इस्लाम ने कहा, “यह हमला भाजपा के बंगाली विरोधी रवैये का उदाहरण है। बंगाल सरकार को मामले को ओडीशा सरकार के सामने उठाना चाहिए और परिवार को मुआवजा दिलाना चाहिए।”
जुयेल राना 20 दिसंबर को तीन महीने के लिए ओडीशा आए थे और रोजाना ₹600 की मजदूरी करते थे। उनके परिवार पर घटना का गहरा सदमा है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
