बिहार विधानसभा में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026‑27 के स्वास्थ्य विभाग का बजट ₹21,270.40 करोड़ सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। योजना मद के लिए ₹10,032.7 करोड़ और स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद के लिए ₹11,237.4 करोड़ का आवंटन किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने सदन में कहा कि यह बजट राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, अस्पतालों के आधुनिकीकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए एक अहम कदम है।
मंत्री ने सदन में बताया कि बिहार का शिशु मृत्यु दर घटकर 23, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 27, और मातृ मृत्यु अनुपात 104 हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रजनन दर 3.4 से घटकर 2.8 हो गई है और टीकाकरण कवरेज लगभग 93% तक पहुंच चुकी है।
मंत्री ने यह भी बताया कि बिहार का स्वास्थ्य सूचकांक राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
अस्पताल और सेवा सुधार का रोडमैप
जिला अस्पतालों को सुपर‑स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।
ब्लॉक‑स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बदला जाएगा।
PMCH और IGIMS को विश्वस्तरीय केंद्र बनाने की तैयारी।
नए मेडिकल कॉलेजों में PPP मॉडल लागू होगा।
ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था।
सात जिलों में 50‑बेड आयुष अस्पताल का निर्माण।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
GPS‑संचालित औषधि वाहन की सुविधा सभी जिलों में।
स्वास्थ्य विभाग में 44,321 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मुख्य पदों में शामिल हैं:
14,060 ANM
स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट
जूनियर और सीनियर रेजिडेंट
डेंटिस्ट, ट्यूटर (नर्सिंग)
मंत्री ने कहा कि यह नियुक्तियाँ अगले एक साल में पूरी कर ली जाएंगी।
राजद के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि अस्पतालों में दलाल घूमते हैं और मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता है, इस पर मंत्री का जवाब संतोषजनक नहीं था।
सत्ता पक्ष के सदस्य दावा करते हैं कि सरकार के प्रयासों की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है और कई मानकों में बिहार शीर्ष राज्यों में शामिल है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार अनुपस्थित रहे। उनके न होने के कारण विपक्ष का बहिष्कार प्रभावहीन रहा और बजट बिना विवाद के पास हो गया।
बिहार का स्वास्थ्य बजट ₹21,270 करोड़ पार कर गया है। सरकारी अस्पतालों में सुधार, मुफ्त दवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन की भर्ती और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार इसके मुख्य लक्ष्यों में शामिल हैं।