इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने नालंदा मेडिकल कॉलेज के 56वें स्थापना दिवस समारोह में घोषणा की कि राज्य में आगामी 4-5 वर्षों में 18 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है।
मंत्री पांडेय ने बताया कि 2005 तक बिहार में मात्र 9 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन पिछले 20 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 24 हो गई है। अब सरकार का लक्ष्य इसे और बढ़ाकर 42 करना है। उन्होंने कहा, “राज्य के 38 में से 35 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।”
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि अररिया और खगड़िया में 100-100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों में वृद्धि होगी।
इसके अलावा, सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में 1,500 नए अस्पताल भवनों के निर्माण की योजना बनाई है। वर्तमान में बिहार में 12 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल संचालित हैं, और अगले वित्तीय वर्ष में 22 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोले जाएंगे।
राज्य सरकार की इन पहलों से न केवल चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।