वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ बिहार में उबाल: SDPI, इंसाफ मंच, आरवाईए और अन्य संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ बिहार में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), इंसाफ मंच, रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) और कई अन्य संगठनों ने इस बिल को असंवैधानिक और मुस्लिम विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वक्फ संपत्तियों को हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

पूर्णिया: SDPI ने किया विरोध, बीजेपी पर वक्फ संपत्तियों को हड़पने का आरोप

पूर्णिया में SDPI के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और बिल को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया। SDPI नेताओं ने कहा कि इस बिल के जरिए केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों को अपने उद्योगपति मित्रों को सौंपने की योजना बना रही है।

SDPI कार्यकर्ताओं ने ‘वक्फ संशोधन बिल वापस लो’, ‘मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए और बिल की प्रतियां जलाकर विरोध प्रकट किया। उन्होंने यह भी कहा कि SDPI इस बिल के खिलाफ सबसे मुखर रही है, जिसकी वजह से इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. के. फैजी को ईडी के जरिए गिरफ्तार किया गया।

सिवान: संविधान बचाव संघर्ष मोर्चा और आरवाईए का विरोध मार्च

सिवान में संविधान बचाव संघर्ष मोर्चा, आरवाईए और आइसा के नेतृत्व में अंबेडकर पार्क से जेपी चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। जिरादेई विधायक और आरवाईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत कुशवाहा, आरवाईए जिला सचिव जयशंकर पंडित, सनाउल्लाह खान और आइसा नेता विकास यादव ने इस बिल को ‘काला कानून’ करार दिया।

वक्ताओं ने कहा कि यह बिल अल्पसंख्यकों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और समाज में नफरत फैलाने की साजिश है। उन्होंने सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

मुजफ्फरपुर: इंसाफ मंच का जोरदार प्रदर्शन, ‘शाहीन बाग 2’ आंदोलन की घोषणा

मुजफ्फरपुर के पहसौल में इंसाफ मंच के नेतृत्व में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ विशाल प्रदर्शन हुआ। औराई विधानसभा के पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम की अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने इस बिल को संविधान विरोधी करार देते हुए इसकी प्रतियां जलाईं।

प्रदर्शनकारियों ने ‘शाहीन बाग 2’ आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया, तो व्यापक स्तर पर जनांदोलन किया जाएगा। आफताब आलम ने कहा, “यह बिल गरीबों, कमजोर तबकों और धार्मिक संपत्तियों को जब्त करने की साजिश है। इसे रोकने के लिए हम निर्णायक संघर्ष करेंगे।”

SDPI के कटरा ब्लॉक अध्यक्ष मुहम्मद रजाउल्लाह ने भी इस बिल को वक्फ संपत्तियों पर सीधा हमला बताया और इसके खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करने की बात कही।

मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा में इंसाफ मंच का विरोध प्रदर्शन

इंसाफ मंच बिहार के सह सचिव इंजीनियर ज़फर आज़म के नेतृत्व में ब्रह्मपुरा स्थित मेहदी हसन चौक पर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बिल की प्रतियां जलाकर अपनी नाराजगी प्रकट की।

आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम ने कहा, “सरकार इस बिल के माध्यम से मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों और मजारों पर कब्जा करने की साजिश कर रही है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे और इसे हर हाल में वापस लेने पर मजबूर करेंगे।”

इंसाफ मंच मुजफ्फरपुर के कोषाध्यक्ष एजाज अहमद ने कहा कि यह बिल मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने ऐलान किया कि “बिल की वापसी तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

जनता की भागीदारी और भविष्य की रणनीति

इन सभी विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सरकार के इस फैसले के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। नेताओं ने जनता से अपील की कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं।

आंदोलनकारियों का मानना है कि यदि जनता एकजुट होकर लड़ेगी, तो सरकार इस बिल को वापस लेने पर मजबूर हो जाएगी। वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

More News